इप्टानामा
Tuesday, April 26, 2022

'ढाई आखर प्रेम' की सांस्कृतिक यात्रा; देश के घायल होते मिजाज पर मरहम

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- कुश कुमार वर्तमान में हम आजादी की 75 वी वर्षगांठ मना रहे हैं और इसी उपलक्ष में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) द्वारा 'ढाई आखर प्रेम' ...
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Sunday, January 19, 2020

The Censorship

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- Satyabhama Rajoria In all civilized societies, censorship has been a contentious issue. In a crude sense, censorship is synonymous wi...
Tuesday, January 8, 2019

समकालीन कविता और कविता का रंगमंच

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    - शरद कोकास       क विता की सार्वजानिक प्रस्तुति हमारी परम्परा में शामिल है । यदि हम भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखें तो वैदिक क...
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Friday, January 4, 2019

रंगकर्म की निरंतरता ही उसे बचा सकती है

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ऐ तिहासिक नाटक ‘दुर्गा’ के एक प्रभावशाली दृश्य में सम्राट अकबर गोंड रानी दुर्गावती को भेंट में एक चरखा भिजवाते हैं। संकेत और संदेश यह कि...
Wednesday, August 22, 2018

परसाई की रचनाओ का रंगमंचीय दृष्टिकोण ’

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- अख्तर अली हरिशंकर परसाई को पढना स्वम को अपडेट करना है | जब हम परसाई जी को पढ़ रहे होते है दर असल उस क्षण हम अपने समय को पढ़ रहे होते है ...
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Wednesday, August 15, 2018

Political Theatre Today and Yesterday: A Conversation

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Jagan Shah & Lalit Vachani Filmmaker Lalit Vachani, and writer, theatre director and architect Jagan Shah have been working on dis...
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