इप्टानामा
Tuesday, September 29, 2015

“ अनहद नाद - अन हर्ड साउंड्स ऑफ़ युनिवर्स ” का मंचन १० अक्टूबर को

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  रं ग चिन्तक मंजुल भारद्वाज द्वारा लिखित और निर्देशित बहुभाषिक नाटक “ अनहद नाद - अन हर्ड साउंड्स ऑफ़ युनिवर्स ” का मंचन १० अक्टूबर, २०१...
Monday, September 28, 2015

कंपनी की तोप : वीरेन डंगवाल

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प्र तीक और धरोहर दो किस्म की हुआ करती हैं। एक वे जिन्हें देखकर या जिनके बारे में जानकर हमें अपने देश और समाज की प्राचीन उपलब्धियों का भान...
Wednesday, September 23, 2015

“पथनाट्य” उसकी वैचारिक प्रतिबद्धता और चुनौतियां

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कामरेड गीता महाजन आैर गोविंद पानसरे के साथ मंजुल भारद्वाज डॉ. मेघा पानसरे स न  2005  में कोल्हापुर में एक  कार्यशाला आयोजित की गयी...
Monday, September 14, 2015

वे भाषा को भी कॉरपोरेट और टेक्नोलॉजी का बंदी बनाना चाहते हैं

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स मकालीन हिंदी कविता के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं राजेश जोशी। उनकी कविता और वह खुद किसी भी अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध के एक प्रमुख स्वर के ...
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शब्द रहेंगे साक्षी : जितेंन्द्र रघुवंशी का 65 वां जन्मदिन

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-विजय शर्मा 13 सितंबर, आगरा।  डॉ जितेंद्र रघुवंशी के पैंसठवें जन्मदिवस पर यहां एक किताब का विमोचन किया गया, जिसका नाम है 'शब्द रहें...
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Thursday, September 10, 2015

कलबुर्गी की हत्या तार्किकता का गला घोंटने का प्रयास -राम पुनियानी

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ग त 30 अगस्त 2015 को प्रोफेसर मलीशप्पा माधीवलप्पा कलबुर्गी की हत्या से देश के उन सभी लोगों को गहरा सदमा पहुंचा है जो उदारवादी समा...
Saturday, September 5, 2015

ताकि लोकतन्त्र बचा रहे...

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ध र्म और तर्क का रिश्ता हमेशा दुश्मनाना रहा है। जब चार्वाकों ने पुरोहितों के कर्मकांडों पर सवाल उठाए तो उन्हें इतिहास से ही मिटा दिया गय...
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