इप्टानामा
Tuesday, November 13, 2012

सावधान! आगे सांप्रदायिकता है (अंतिम किस्त)

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रघुवंशमणि  की लंबी रपट की अंतिम किस्त फैज़ाबाद-लखनऊ मार्ग पर स्थित रुदौली नामक जगह पर अबीर फेंकने की घटना को लेकर दंगे और आगजनी की घटन...

सावधान! आगे सांप्रदायिकता है (दो)

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रघुवंशमणि की लंबी रपट की दूसरी किस्त इस सब के बाद भी फैज़ाबाद शहर शान्त ही रहा। मगर 24 अक्टूबर को दुर्गापूजा विसर्जन के दौरान कुछ घटि...

Digital archive on Bhupen Hazarika's works

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G UWAHATI: Almost six decades ago, Bhupen Hazarika was compelled to quit his job as assistant lecturer at Gauhati University due to hi...

सावधान! आगे सांप्रदायिकता है

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रघुवंशमणि की लंबी रपट की पहली किस्त वि गत कुछ वर्षों से हमारे तमाम बुद्धिजीवियों ने यह मान लिया है कि साम्प्रदायिकता अब कोई महत्वपूर...
Thursday, November 8, 2012

जन बचेगा तो जन-संस्कृति बचेगी

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गोरखपुर। ‘आज के सांस्कृतिक संकट का सीधा संबंध अमेरिकी साम्राज्यवाद और उच्छशृंखल वित्तीय पूंजी से है। यह जो आवारा, लपंट और उच्छृंखल पूंजी ह...
Monday, November 5, 2012

एक खालीपन छोड़ गए राजेश सिन्हा

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  राजेश सिन्हा पटना रंगमंच पर पिछले लगभग तीन दशक से लगातार सक्रिय अभिनेताओं में से एक थे. इस दौरान उन्होंने कई यादगार भूमिकाओं को मंच तथा ...
Sunday, November 4, 2012

इप्टा के 16 वें राज्य सम्मेलन का उद्घाटन

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उरई। 40 वर्ष पुरानी नाटय कथाओं का आज के समय मंचन बेमानी है। संगीत नाटक अकादमी से अनुदान के लिए पुराने नाटक खेलकर लकीर पीटना नाजायज हरकत ह...
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