इप्टानामा
Thursday, February 16, 2012

भिलाई और इप्टा

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हम हैं चिराग़-ए-आखि़रे शब, पर हमारे बाद  उज़ाला है -अशोक सिंघई 15 अगस्त, 1947 की सुबह भारत के लिये एक नया सूरज लेकर आई थी। सदियों की गु...
Wednesday, February 15, 2012

मेरी शादी तो हो चुकी है इप्टा से...

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एक आशिक उम्मीदों का -जावेद सिद्दिकी 1946 में जब जलसेना की बगावत हुई, तो उन बच्चों को, जो कम उमर थे, उनको इस खौफ़ से कि अगर दोनों तरफ से...
Tuesday, February 14, 2012

जाना एक लाजवाब शायर का

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जीना भी एक कारे-जुनूं है इस दुनिया के बीच -जावेद आलम नई हवा के झोंकों की तरह जब आए थे शहरयार तो किसी को अहसास नहीं था कि जाते-जाते वे य...
Monday, February 13, 2012

कला जगत में शोक की लहर

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नहीं रहे अलखनंदन : देश भर से रंगकर्मियों की श्रद्धांजलि  15 अगस्त 1948 को बिहार के कल्याणपुर में जन्मा संघर्षशील, अनुशासित, मिलनसार, लेखक, ...
Saturday, February 11, 2012

इप्टा नाट्य रंगोत्सव 13 फरवरी से

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हिं दी पट्टी में जहां नाटकों के दर्शकों की कमी का रोना रोया जाता हो और जहां मुफ्त पास बाँटने पर भी दर्शक दीर्घाओं में सन्नाटा-सा छाया रहता ...
Friday, February 10, 2012

मैकबेथ वालों के लिये त्याज्य हैं भिखारी ठाकुर

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  विपन्न दृष्टि वाले  समाज का विद्रोही कलाकार  ♦ अश्विनी कुमार पंकज भा रत की हिंदी पट्टी में सांस्कृतिक रूप से कलाओं को सम्मान नहीं है। सा...
Thursday, February 9, 2012

इप्टा के भिलाई सम्मेलन की स्मारिका

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आमतौर पर किसी भी सम्मेलन में स्मारिका आयोजन के दौरान ही छपकर उसमें शिरकत करने वाले लोगों के बीच पहुंच जाती है। पर भिलाई में 26 से 28 दिसंबर ...
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