Thursday, March 29, 2012

विश्व रंगमंच दिवस-5 : जारी है नाटकों, बैठकों व संदेशों का सिलसिला

विश्व रंगमंच दिवस पर देश के विभिन्न भागों में होने वाले आयोजनों की खबरों का सिलसिला लगातार जारी है। छत्तीसगढ़ के रायपुर व राजस्थान के अलवर में जहां गोष्ठियां हुईं वहीं भिलाई व जयपुर में नाटक खेले गये। इस अवसर पर शुभकामना संदेशों का सिलसिला भी जारी है। यहां पर कुछ समाचार व कुछ संदेश:

छत्तीसगढ़
27 मार्च। रायपुर में विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर कुछ युवा मित्रों की एक अनौपचारिक बैठक में रंगमंच से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई....रायपुर में लगातार कम होती जा रहे मंचन को लेकर एक अच्छी चर्चा हुई और इसमें युवा लोगों को जोड़ने के अद्देश्य से एक कार्य योजना का मसौदा तैयार किया गया जिसमें आने वाली छुट्टियों में एक शिविर और कार्यशाला के आयोजन की रूपरेखा पर विचार किया गया।
भिलाई इप्टा भिलाई द्वारा विश्व रंगमंच दिवस पर शरीफ अहमद को समर्पित नाटक "जलेबियाँ" और "मंथन"के मंचन नेहरु सांस्कृतिक भवन के मुख्य सभागार में मानचित किये गए. इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत में इप्टा के युवा कलाकारों ने नेहरु हाउस परिसर में एक नुक्कड़ नाटक "क्या हम मनुष्य हैं" का नुक्कड़ प्रदर्शन किया. इस अवसर पर वर्त्तमान समय में रंगकर्मियों की भूमिका पर चर्चा एवं विश्व रंगमंच दिवस पर जारी सन्देश का वाचन भी किया गया.इप्टा ने भिलाई की अन्य नाट्य संस्थाओं को भी शामिल कर इस आयोजन को विस्तृत रूप दिया.

भिलाई इप्टा के नाटक का एक दृश्य

 
राजस्थान
उधर राजस्थान  इप्टा द्वारा 27 मार्च 2012 को विश्व रंगमंच दिवस पर निम्न आयोजन किये गए।
सवाई माधोपुर इप्टा द्वारा प्रसिद्ध संगीतकार श्री सीताराम राव के गायन का कार्यक्रम रखा गया एवं उन्हें सम्मरनित किया गया। अलवर इप्टा द्वारा एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया तथा जयपुर इप्टा द्वारा एक नाटक का मंचन व गीतों का आयोजन किया गया जिसकी विस्तृत रपट आप "इप्टानामा" में ही देख सकते हैं।

सवाई माधोपुर की संगीत सभा
और कुछ संदेश...

Congratulations on 50th World Theatre Day!
                                             
- M.Adhiraman,Puducherry

नाट्य आन्दोलन में नयी जान आये -नया तूफ़ान आये!शुभकामनायें !
                                               
प्रो.शम्भुनाथ,कोलकाता    

जागतिक रंगभूमि दिन्याचा हार्दिक शुभेच्छा !
                                           
  - रवीन्द्र देवधर,पुणे 

रंगमंच में ज़िन्दगी के अनेक रंग  झलकते हैं और दुनिया में रंग भरने के राज़ भी
Happy World Theatre Day!
                                             
 -शैली सत्यु,मुंबई 

हमारा रंगमंच मनुष्य के आत्मिक और भौतिक संघर्ष को अभिव्यक्त करने में सक्षम हो !
                                               
-परवेज़ अख्तर ,पटना 

Celebrate the World Theatre Day with the proud of being a theatre personality..
                                                 
-Sanjay Vidrohi,Jaipur 


और इनकी भी बधाई -सुलभा आर्य ,रमेश राजहंस ,रमेश तलवार ,फारुख शेख,उद्भ्रांत, निवेदिता बौंथियल,संतोष डे ,पार्थो सेन ,बलकार सिद्धू आदि...   



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